राजदरी चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य का दूसरा प्रसिद्ध जलप्रपात है। जहाँ देवदरी गहरी घाटी में गिरता है, वहीं राजदरी चट्टानों की चौड़ी परतों पर सीढ़ियों की तरह फैलकर बहता है। जो एक देखने आता है, वह ज़्यादातर दोनों देखता है।
एक नज़र में राजदरी
| स्थान | चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य, ज़िला चंदौली, उत्तर प्रदेश |
|---|---|
| देवदरी से दूरी | कुछ सौ मीटर; यात्रा स्रोत 500–700 मीटर बताते हैं |
| प्रकार | परतदार चट्टानों पर कई सीढ़ियों वाला चौड़ा झरना |
| ऊँचाई | यात्रा स्रोत अक्सर लगभग 65 मीटर बताते हैं; कोई आधिकारिक आँकड़ा प्रकाशित नहीं |
| सुविधाएँ | फ़ोटो में रेलिंग वाले व्यू पॉइंट दिखते हैं; दूसरी सुविधाएँ सत्यापित नहीं |
| ठहरना | राजदरी वन विश्राम गृह (वन विभाग; अनुमति ज़रूरी) |

राजदरी बनाम देवदरी
| देवदरी | राजदरी | |
|---|---|---|
| स्वरूप | बलुआ पत्थर की गहरी घाटी में गिरता पानी | चौड़ा, सीढ़ीदार झरना |
| सबसे अच्छा नज़ारा | ऊपरी किनारे से नीचे देखते हुए | झरने के किनारे रेलिंग वाले व्यू पॉइंट से |
| ख़ास बात | घाटी की दीवारें और चट्टानों पर गिद्धों के घोंसले | कई चट्टानी सीढ़ियों पर फैली सफ़ेद पानी की चादरें |
पूरी देवदरी गाइड पढ़ें।
कैसे पहुँचें
रास्ता वही है जो देवदरी का: चकिया होकर सड़क मार्ग से, वाराणसी (अभयारण्य तक लगभग 70 किमी), DDU जंक्शन (लगभग 50 किमी) या चंदौली से। राजदरी के लिए ज़िले की अपनी सलाह है कि मुग़लसराय से चकिया तक शेयर्ड जीप लें और फिर आगे दूसरी जीप। देखें कैसे पहुँचें।
कब जाएँ
देवदरी की तरह राजदरी भी बरसात में सबसे भरा और सर्दियों में शांत रहता है। समतल चट्टानी परतें बुलाती-सी लगती हैं, पर बेहद फिसलन भरी होती हैं और अचानक आई तेज़ धारा उन्हें बहा सकती है, इसलिए रेलिंग के पीछे ही रहें। देखें घूमने का सही समय और सुरक्षा और नियम।
नामों के बारे में एक बात
इलाके के कुछ व्यावसायिक वॉटर पार्क और रिज़ॉर्ट अपने नाम में "राजदरी" या "देवदरी" का उपयोग करते हैं। ये अलग व्यवसाय हैं, अभयारण्य के प्राकृतिक जलप्रपात नहीं।