देवदरी एक दिन की सैर के लिए एकदम सही जगह है। यह योजना घड़ी के सटीक समय के बजाय दिन की रोशनी के हिसाब से बनी है, क्योंकि वाराणसी के आसपास सड़क और ट्रैफ़िक की हालत बहुत बदलती रहती है। अपने समय का अनुमान लगाने के लिए लाइव नक्शे का उपयोग करें।
एक दिन पहले
- टैक्सी पक्की करें या अपनी गाड़ी जाँच लें; आने-जाने का किराया, इंतज़ार का समय और पड़ाव तय करें (देखें टैक्सी चेकलिस्ट)।
- मौसम का पूर्वानुमान देखें और बरसात में पूछ लें कि अभयारण्य की सड़क खुली है या नहीं।
- पानी, खाना, नाश्ता, टोपी, सनस्क्रीन, रेनकोट (जून–सितंबर), छोटी फ़र्स्ट-एड किट, पावर बैंक और छोटे नोटों में नकद रख लें।
- चंदौली–चकिया–नौगढ़ इलाके के ऑफ़लाइन नक्शे डाउनलोड कर लें।
योजना
- वाराणसी से जल्दी निकलें। शहर के ट्रैफ़िक और दोपहर की गर्मी से बचने के लिए सूर्योदय के तुरंत बाद निकलें। गंगा पार करके मुग़लसराय/DDU या चंदौली की ओर जाएँ।
- रास्ते में नाश्ता या चाय। हाईवे के ढाबे और क़स्बों की चाय की दुकानें खाने के आख़िरी भरोसेमंद पड़ाव हैं, इसलिए यहीं खा लें या सामान ले लें।
- चकिया में रुकें। ईंधन, पानी और नाश्ता भर लें, और सड़क और गेट की मौजूदा स्थिति पूछ लें।
- राजदरी–देवदरी क्षेत्र पहुँचें। देर सुबह तक पहुँचने का लक्ष्य रखें, जब रोशनी अच्छी हो और गर्मी कम।
- देवदरी जलप्रपात। घाटी के ऊपर के व्यू पॉइंट पर आराम से समय बिताएँ। फ़ोटो लें, चट्टानों पर गिद्ध देखें और छाँव में आराम करें।
- राजदरी जलप्रपात (वैकल्पिक)। थोड़ी ही दूरी पर; चौड़ा सीढ़ीदार झरना अच्छा बदलाव देता है। देखें राजदरी गाइड।
- दोपहर का खाना। अनुमति वाली जगह पर साथ लाया खाना, या चकिया लौटकर देर से भोजन। सारा कचरा साथ ले जाएँ।
- दोपहर बाद एक वैकल्पिक पड़ाव। चकिया के पास लतीफ़ शाह बाँध और संत का मज़ार, या चकिया काली मंदिर, केवल तभी जब समय बचा हो।
- दिन की रोशनी रहते लौटें। अभयारण्य बंद होने और शाम ढलने से काफ़ी पहले जंगल से निकल जाएँ। रात में जंगल की सड़कें कठिन होती हैं, और शेयर्ड जीप बंद हो सकती हैं।
- शाम वाराणसी में। रात के खाने तक लौट आएँ, या हिम्मत बची हो तो शाम की आरती देखें।
दूसरे विकल्प
DDU जंक्शन (मुग़लसराय) से
सुबह की ट्रेन से पहुँच रहे हैं? स्टेशन से सीधे टैक्सी लें, या चकिया होकर ज़िले का सुझाया शेयर्ड जीप वाला रास्ता अपनाएँ। भारी सामान पहले होटल में छोड़ दें।
छोटे बच्चों या बुज़ुर्गों के साथ
अक्टूबर–फ़रवरी चुनें, योजना को देवदरी और एक छोटे पड़ाव तक सीमित रखें, छाँव में आराम करें और किनारों के पास बच्चों को हर समय अपने पास रखें। पहले सुविधाएँ देख लें, क्योंकि शौचालय और पीने के पानी की गारंटी नहीं है।
बरसात का दिन
योजना छोटी और लचीली रखें। अगर सड़कों पर पानी हो, गेट बंद हो या तूफ़ान का पूर्वानुमान हो, तो लौटने के लिए तैयार रहें।
फ़ोटोग्राफ़र का दिन
घाटी में सुबह की नरम रोशनी पकड़ने के लिए और भी जल्दी निकलें, फिर दिन में बाद में राजदरी की फ़ोटो लें। फुहारों के लिए वॉटरप्रूफ़ बैग रखें।
दो दिन चाहिए?
चकिया, चंदौली या वाराणसी में रात रुकें (देखें कहाँ ठहरें)। वन विश्राम गृह हैं, पर आमतौर पर वन विभाग की अनुमति चाहिए। दूसरे दिन आप बिना जल्दबाज़ी के चंदौली के और आसपास के स्थल जोड़ सकते हैं।